कमलनाथ ने 'इंडिया टुडे' से बातचीत में कहा, 'बीजेपी मध्य प्रदेश में ऑपरेशन लोटस का प्रयास कर रही है.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पांच विधायकों से बीजेपी ने संपर्क कर प्रलोभन देने का प्रयास किया था. इसकी जानकारी इन विधायकों ने अपने मुख्यमंत्री को दी है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी कांग्रेसी विधायकों को प्रलोभन देकर उन्हें तोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि उनकी सरकार को गिराया जा सके.
कमलनाथ ने हालांकि अपने सरकार के प्रति भरोसा जताया है और कहा कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी के पांच विधायक उनके संपर्क में हैं. बीजेपी के ये विधायक अपनी पार्टी में अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं. कमलनाथ ने कहा कि यदि बीजेपी उनके विधायकों को तोड़ने का प्रयास करती है तो वह भी वही करेंगे.
कर्नाटक का संकट
बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार पर उस समय संकट के बादल मंडराने लगे थे, जब दो विधायकों ने सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी. इसके बाद सवाल उठने लगे थे कि सात महीने पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी की सरकार क्या चल पाएगी. असल में, कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट विधायकों के मुंबई में बीजेपी नेताओं के संपर्क में होने की सुर्खियों के बाद कयासबाजी का दौर शुरू हो गया था और कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार को लेकर सवाल उठने लगे थे. कहा जाने लगा था कि बीजेपी कर्नाटक में ऑपरेशन लोटस चला रही है जिसके तहत वह कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों को तोड़कर अपना सरकार बनाना चाहती है. वहीं एचडी कुमारस्वामी को सामने आना पड़ा और यह कहना पड़ा कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है.
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कथित हैकर चेहरा ढंककर आया था. हैकर ने ना तो कोई सबूत दिए और न ही पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए.
इस पूरे मामले में कांग्रेस को घेरते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हैकिंग के पीछे कांग्रेस का हाथ है.
रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया, ''किस हैसियत से कपिल सिब्बल वहां मौजूद थे. मेरा मानना है कि कपिल सिब्बल वहां कांग्रेस की तरफ़ से बैठे थे. सिब्बल कांग्रेस की तरफ़ से पूरे मामले की मॉनिटरिंग करने गए थे.''
सोमवार को लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में सैय्यद शुजा नामक कथित हैकर ने भारत में चुनावों में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम को हैक करने का दावा किया था. इस कार्यक्रम को यूरोप में स्थित इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित किया गया था.
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