Thursday, October 31, 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान हिरासत में लिए गए कई आदिवासी

सत्ता में आने के बाद 2014 से हर साल प्रधानमंत्री मोदी की सरकार सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाती है. इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात पहुंचे, जहां उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हर भारतीय सरदार पटेल की एकता के विचार को महसूस कर सकता है.

स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी पर अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज, सबसे ऊंची मूर्ति के नीचे हम सरदार की आवाज़ सुन सकते हैं."

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं खुश हूं कि (मैं) सरदार के सपने को सच कर पाया. सरदार के जन्मदिन पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख एक सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं."

उन्होंने कहा, "अनुच्छेद 370 ने जम्मू-कश्मीर को सिर्फ अलगाववाद और आतंकवाद दिया."

मोदी ने कहा, "ये देश में अकेली ऐसी जगह थी जहां अनुच्छेद 370 मौजूद था. जहां पिछले तीस सालों में चालीस हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई और आतंकवाद की वजह से कई माओं ने अपने बेटों को खोया. अब 370 की ये दीवार गिर गई है."

"अनुच्छेद 370 के हटने के बाद उनकी आत्मा को शांति मिलेगी. सरदार पटेल ने कश्मीर को भारत में मिलाने का सपना देखा था."

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि "भारत की एकता पर हमले की हर कोशिश को हम नाकाम कर देंगे."

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड में भी हिस्सा लिया.

दूसरी तरफ जिन लोगों से स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी बनाने के लिए ज़मीनें ली गईं वे प्रदर्शन कर रहे हैं.

ये स्थानीय आदिवासी ज़मीन और रोज़गार के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय एकता दिवस को 'काला दिवस' कह रहे हैं.

स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के नज़दीक सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं, जिसकी वजह से वहां प्रदर्शन नहीं हो सके. लेकिन इन लोगों ने गांवों में इकट्ठा होकर प्रदर्शन किए.

आदिवासी लोगों का दावा है कि स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के लिए उनकी ज़मीने ले ली गई, लेकिन उन्हें उचित रोज़गार नहीं दिया गया.