मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने गुरुवार को कांग्रेस विधायक हिना कांवरे को उपाध्यक्ष घोषित किया। भाजपा की ओर से इस पद के लिए विधायक जगदीश देवड़ा के नाम का प्रस्ताव रखा गया था। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए वोटिंग नहीं कराई गई। यह चयन प्रक्रिया अलोकतांत्रिक है। हम फैसले को कोर्ट मेें चुनौती देंगे। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप लगाया और उनके इस्तीफे की मांग की। हंगामे की बीच सरकार ने 22 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पास कर दिया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
हिना के पक्ष में 4 प्रस्ताव दिए गए
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मंगलवार को जो पैटर्न प्रोटेम स्पीकर ने अपनाया था, उसे ही विधानसभा अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष चुनाव में आगे बढ़ाया। कांग्रेस की ओर से हिना कांवरे के पक्ष में पहले चार प्रस्ताव दिए गए। भाजपा के जगदीश देवड़ा के पक्ष में प्रस्ताव पांचवां था। विधानसभा अध्यक्ष ने पहले आए प्रस्तावों को पास करते हुए हिना कांवरे को उपाध्यक्ष घोषित किया। हिना को हाल में ही कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बनाया गया था।
सवर्ण आरक्षण बिल पर बोल रहे थे शिवराज, अध्यक्ष ने रोक दिया
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में पारित हुए सामान्य वर्ग के आरक्षण बिल पर धन्यवाद ज्ञापित करना शुरू कर दिया। इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने हंगामा कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने शिवराज सिंह से कहा कि आप बिना अनुमति के कुछ नहीं बोल सकते। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने शिवराज सिंह की बैठने की जगह पर भी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि शिवराज नेता प्रतिपक्ष की जगह पर बैठे थे और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव उनकी बगल में बैठे हुए थे। कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बाद दोनों ने अपनी जगह बदली।
जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। विजयनगर पुलिस ने बिजली चोरी के आरोप में फरार 95 साल के एक बुजुर्ग किसान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। बुजुर्ग को पेशी के लिए उनका बेटा गोद में उठाकर लाया है। देखने वाले पुलिस की इस गिरफ्तारी पर हैरान हैं। हालांकि कोर्ट ने किसान की उम्र देखते हुए उन्हें तुरंत जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस ने उन्हें 2014 से फरार घोषित कर रखा था।
मामला सोमवार का है, हैरानी इस बात पर है कि 95 साल के नन्नुलाल किसी की मदद के बगैर हिल तक नहीं पाते। उन्हें फरार घोषित कर 5 साल बाद कोर्ट में पेश किया गया। जबकि वह 19 साल पहले ही बिस्तर पकड़ चुके हैं। ऐसे नन्नुलाल यादव के ऊपर चोरी के आरोप लगाए गए, जो दवा के सहारे जिंदगी काट रहा है। कोर्ट में पेशी के बाद ही उसके बेटे ने बुजुर्ग को दवा दी।
बुजुर्ग पर बिजली चोरी का आरोप
मामला विजयपुर थाना इलाके के कनारी गांव का है। जहां पर 95 साल के नन्नुलाल यादव कई साल के खेती किसानी करते हैं, वहीं उनका परिवार भी रहता है। करीब 15 साल से बीमारी और बढ़ती उम्र के कारण नन्नुलाल चलने-फिरने में असमर्थ हो गए और बिस्तर पकड़ लिया। इसके बावजूद 2014 में पुलिस ने नन्नुलाल यादव पर चोरी की बिजली से सिंचाई करने का मामला दर्ज किया। नन्नुलाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने तीन बीघा खेत में चोरी की बिजली से पानी की मोटर का इस्तेमाल कर सिंचाई की है।
कोर्ट के दबाव में पुलिस ने कर दी पेशी : कोर्ट ने बिजली चोरी का मामला लंबा खिंचने पर पुलिस पर दबाव बनाया तो पुलिस ने आरोपी किसान नन्नुलाल यादव की गिरफ्तारी दिखा दी और कोर्ट ले आए। बिजली प्रकरणों की सुनावाई के लिए कोर्ट ने नन्नुलाल को नोटिस जारी किया था तब पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए उन्हें फरार बताया था, जिसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ स्थाई नोटिस जारी कर दिया।
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