Friday, December 7, 2018

48 मेगापिक्सल कैमरे के साथ आएगा Xiaomi का अगला स्मार्टफोन

आजकल स्मार्टफोन्स कैमरा लेंस और मेगापिक्सल दोनों ही बढ़ रहे हैं. चार रियर कैमरे वाले स्मार्टफोन्स आ ही गए हैं और अब 48 मेगापिक्सल कैमरा वाला स्मार्टफोन लॉन्च होगा. चीनी स्मार्टफोन मेकर शाओमी ने कन्फर्म किया है कि कंपनी 48 मेगापिक्सल वाला स्मार्टफोन लॉन्च करेगी. हालांकि यह साफ नहीं है कि ये स्मार्टफोन कौन सा होगा. कंपनी के मुताबिक यह स्मार्टफोन जनवरी में लॉन्च होगा.

मेगापिक्सल्स की बात करें तो अभी हुआवे अपने स्मार्टफोन्स में ज्यादा से ज्यादा मेगापिक्सल्स देता है. Huawei Mate 20 Pro और Huawei P20 Pro का प्राइमरी कैमरा 40 मेगापिक्सल का है.

सोशल मीडिया पर शाओमी ने टीजर पोस्ट किया है जिसमें 48 मेगापिक्सल कैमरा होने की बात है. कैमरा के अलावा दूसरी जानकारियां नहीं दी गई हैं. कंपनी के सीनियर अधिकारी ने सोशल मीडिय पर क्रिप्टिक इमेज पोस्ट की है जिसमें एक लेंस और फ्लैश दिख रहा है.

जुलाई में सोनी ने IMX586 सेंसर लॉन्च किया था और और उम्मीद है कि यह लेंस इस स्मार्टफोन के कैमरे में दिया जाएगा. कंपनी अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन के कैमरे में पिक्सल बाइनिंग टेक्नॉलजी दे सकती है. कम रौशनी में 48 मेगापिक्सल यूज होंगे, जबकि रौशनी में 4 पिक्सल को मिला कर सुपर पिक्सल बनाया जाएगा यानी 12 मेगापिक्सल.

मेगापिक्सल के अलावा शाओमी ने यह भी साफ किया है कि कंपनी के आने वाले स्मार्टफोन में क्वॉल्कॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर देगी. इसे क्वॉल्कॉम ने हाल ही में लॉन्च किया है और ये कंपनी का फ्लैगशिप प्रोसेसर है. इसके साथ 5G मॉडेम भी लॉन्च किया गया है यानी शाओमी के अगले स्मार्टफोन में 5G सपोर्ट भी होगा.

इससे पहले मई रेवेन्यू के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी वॉलमार्ट ने भारतीय ई-रिटेल दिग्गज फ्लिपकार्ट को खरीद लिया था. इस डील को दोनों कंपनियों ने 16 बिलियन डॉलर (1,07200 करोड़) पर किया. अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी ली है और भारत के ई-कॉमर्स के इतिहास में यह अबतक की सबसे बड़ी डील है. इस डील के साथ ही वॉलमार्ट भारत में काम करने वाली सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी बन गई थी.

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विदेशी निवेश के इन ताजे रुझानों को देखते हुए हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अर्थशास्त्री ने उम्मीद जताई थी कि आने वाले वर्षों के दौरान जहां चीन में विदेश कंपनियों के निवेश में गिरावट देखने को मिलेगी वहीं भारत में 7 फीसदी की अधिक रफ्तार से निवेश को बढ़ता देखा जा सकेगा.

आईएमएफ ने दावा किया था कि वैश्विक निवेशकों के रुझान में यह बदलाव अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड व़र के चलते देखने को मिल रहा है और विदेशी निवेशक अब चीन की जगह भारत पर दांव खेलने की तैयारी कर रहे हैं.

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